menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
गजान्रथान्समारुह्य परस्यापि हय़ाञ्जनाः |  ८३   क
प्रकीर्णकेशा विध्वस्ता न द्वावेकत्र धावतः ||  ८३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति