menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय १४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तत्र राजञ्शरैर्मुक्तैर्निर्मुक्तैरिव पन्नगैः |  ३८   क
स्वर्णपुङ्खैः प्रकाशद्भिर्व्यरोचन्त दिशस्तथा ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति