menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २२५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स्वर्गं हि गत्वा सशरीर एव; को मानुषः पुनरागन्तुमिच्छेत् |  २९   क
अन्यत्र कालोपहताननेका; न्समीक्षमाणस्तु कुरून्मुमूर्षून् ||  २९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति