menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तं तु दृष्ट्वा तथावस्थमश्वत्थामानमाहवे |  ३२   क
पाञ्चालाः सृञ्जय़ाश्चैव सिंहनादं प्रचक्रिरे ||  ३२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति