menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स भित्त्वा हृदय़ं तस्य राक्षसस्य शरोत्तमः |  ३५   क
विवेश वसुधामुग्रः सुपुङ्खः पृथिवीपते ||  ३५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति