menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततः सा सहसा वाहांस्तव पुत्रस्य संय़ुगे |  ५४   क
सारथिं च गदा गुर्वी ममर्द भरतर्षभ ||  ५४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति