menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तावकाः सैनिकाश्चापि मेनिरे निहतं नृपम् |  ५७   क
ततो विचुक्रुशुः सर्वे हा हेति च समन्ततः ||  ५७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति