menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
पाञ्चालाः केकय़ा मत्स्याः सृञ्जय़ाश्च विशां पते |  ६०   क
सर्वोद्योगेनाभिजग्मुर्द्रोणमेव युय़ुत्सय़ा ||  ६०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति