menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २३०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तान्दृष्ट्वा द्रवतः सर्वान्धार्तराष्ट्रान्पराङ्मुखान् |  ११   क
वैकर्तनस्तदा वीरो नासीत्तत्र पराङ्मुखः ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति