आदि पर्व  अध्याय १४३

वैशम्पाय़न उवाच

पृष्ठेन वो वहिष्यामि शीघ्रां गतिमभीप्सतः |  १२   क
यूय़ं प्रसादं कुरुत भीमसेनो भजेत माम् ||  १२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति