आदि पर्व  अध्याय १४३

वैशम्पाय़न उवाच

अमानुषं मानुषजं भीमवेगं महावलम् |  ३०   क
यः पिशाचानतीवान्यान्वभूवाति स मानुषान् ||  ३०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति