menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १४३
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
स विनिन्दन्नथात्मानं पुनः पुनरुवाच ह |  ३   क
धिङ्मामस्तु सुदुर्वुद्धिं सदा निकृतिनिश्चय़म् |  ३   ख
शुभं कर्म परित्यज्य योऽहं शकुनिलुव्धकः ||  ३   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति