menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १४३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततोऽश्मसहिता धाराः संवृण्वन्त्यः समन्ततः |  १७   क
प्रपेतुरनिशं तत्र शीघ्रवातसमीरिताः ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति