menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
नाकुलिश्चित्रसेनं तु नाराचेनार्दय़द्भृशम् |  २   क
स च तं प्रतिविव्याध दशभिर्निशितैः शरैः ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति