menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तय़ोः समागमो राजंश्चित्ररूपो वभूव ह |  ३०   क
व्यपेतजलदे व्योम्नि वुधभार्गवय़ोरिव ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति