menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सारथिं चास्य भल्लेन ध्वजं च समपातय़त् |  ३५   क
रथं च शतशो राजन्व्यधमत्तस्य धन्विनः ||  ३५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति