menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १४४
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
अविमृश्यैव च ततः कृतवानस्मि तत्तथा |  २२   क
तेनोच्छिष्टेन गात्राणि शिरश्चैवाभ्यमृक्षय़म् ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति