menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १४४
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
व्राह्मणा एव जाय़ेरन्नान्यो वर्णः कथञ्चन |  २८   क
को ह्येनं रथमास्थाय़ जीवेदन्यः पुमानिह ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति