menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततो नाज्ञासिषं किञ्चिद्घोरेण तमसावृते |  ३४   क
सर्वभूतानि च परं त्रासं जग्मुर्महीपते ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति