menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
शिखण्डी तु महाराज गौतमस्य महद्धनुः |  २१   क
अर्धचन्द्रेण चिच्छेद सज्यं सविशिखं तदा ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति