menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यथैव सौवलः क्षिप्रं शरवर्षाणि मुञ्चति |  ३   क
तथैव नकुलो राजञ्शिक्षां सन्दर्शय़न्युधि ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति