menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
पञ्चभिर्द्रोणपुत्रस्तु स्वय़ं द्रोणश्च सप्तभिः |  १६   क
शल्यश्च नवभिर्वाणैस्त्रिभिर्दुःशासनस्तथा ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति