menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
न तु तन्ममृषे कर्णो धनुषश्छेदनं तथा |  २५   क
निकर्तनमिवात्युग्रो लाङ्गूलस्य यथा हरिः ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति