menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १२१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
जय़द्रथममित्रघ्नं तं चोवाच ततो नृपम् |  १८   क
अन्तर्हिता तदा वाणी मेघदुन्दुभिनिस्वना ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति