menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
एतद्वचो मद्रपतेर्निशम्य; स्वं चापनीतं मनसा निरीक्ष्य |  १३   क
दुर्योधनो दीनमना विसञ्ज्ञः; पुनः पुनर्न्यश्वसदार्तरूपः ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति