menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १४६
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततः सत्त्वान्युपाक्रामन्वहूनि च महान्ति च |  ४५   क
रुरुवारणसङ्घाश्च महिषाश्च जलाश्रय़ाः ||  ४५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति