उद्योग पर्व  अध्याय १४६

वासुदेव उवाच

विसृज्य धृतराष्ट्राय़ राज्यं स विदुराय़ च |  ८   क
चचार पृथिवीं पाण्डुः सर्वां परपुरञ्जय़ः ||  ८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति