menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तथैवालाय़ुधो राजञ्शिलाधौतैरजिह्मगैः |  २१   क
अभ्यवर्षत कौन्तेय़ं पुनः पुनररिन्दमः ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति