menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
उत्सृज्य वाहान्समरे चोदय़न्तस्तथापरे |  ४०   क
सम्भ्रान्ताः पर्यधावन्त तस्मिंस्तमसि दारुणे ||  ४०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति