अनुशासन पर्व  अध्याय १४७

भीष्म उवाच

अहिंसा सत्यमक्रोधो दानमेतच्चतुष्टय़म् |  २२   क
अजातशत्रो सेवस्व धर्म एष सनातनः ||  २२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति