menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १४७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
उच्चिक्षेप पुनर्दोर्भ्यामिन्द्राय़ुधमिवोच्छ्रितम् |  १८   क
नोद्धर्तुमशकद्भीमो दोर्भ्यामपि महावलः ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति