menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
द्रोणकर्णौ महेष्वासावेतौ पार्षतसात्यकी |  २३   क
पाञ्चालांश्चैव सहितौ जघ्नतुः साय़कैर्भृशम् ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति