menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १४८
chevron_left
chevron_right
शौनक उवाच
हित्वा सुरुचिरं भक्ष्यं भोगांश्च तप आस्थितः |  ३   क
इत्येतदपि भूतानामद्भुतं जनमेजय़ ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति