menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १२७
chevron_left
chevron_right
ऋत्विगु उवाच
तस्यामेव तु ते जन्तुर्भविता पुनरात्मजः |  २१   क
उत्तरे चास्य सौवर्णं लक्ष्म पार्श्वे भविष्यति ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति