वन पर्व  अध्याय १०६

लोमश उवाच

अंशुमानेवमुक्तस्तु कपिलेन महात्मना |  २९   क
आजगाम हय़ं गृह्य यज्ञवाटं महात्मनः ||  २९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति