menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
पतितास्तुरगेभ्यश्च गजेभ्यश्च महीतले |  ११   क
रथेभ्यश्च नरास्तूर्णमदृश्यन्त ततस्ततः ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति