menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १४९
chevron_left
chevron_right
गृध्र उवाच
तपसापि हि संय़ुक्तो न काले नोपहन्यते |  ६७   क
सर्वस्नेहावसानं तदिदं तत्प्रेतपत्तनम् ||  ६७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति