menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १४९
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
न हि ते किञ्चिदप्राप्यं मारुतात्मज विद्यते |  १६   क
तव नैकस्य पर्याप्तो रावणः सगणो युधि ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति