menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १४९
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
निग्रहे प्रग्रहे सम्यग्यदा राजा प्रवर्तते |  ४९   क
तदा भवति लोकस्य मर्यादा सुव्यवस्थिता ||  ४९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति