उद्योग पर्व  अध्याय १४९

भीम उवाच

द्वैरथे विषहेन्नान्यो भीष्मं राजन्महाव्रतम् |  ३२   क
शिखण्डिनमृते वीरं स मे सेनापतिर्मतः ||  ३२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति