आदि पर्व  अध्याय २०३

नारद उवाच

सा तथेति प्रतिज्ञाय़ नमस्कृत्य पितामहम् |  २०   क
चकार मण्डलं तत्र विवुधानां प्रदक्षिणम् ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति