menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १५
chevron_left
chevron_right
कृष्ण उवाच
दिव्यां मालामुरसानेकवर्णां; समुद्वहन्तं गुल्फदेशावलम्वाम् |  १२   क
चन्द्रं यथा परिविष्टं ससन्ध्यं; वर्षात्यये तद्वदपश्यमेनम् ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति