menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १५
chevron_left
chevron_right
जनमेजय़ उवाच
विजिते पाण्डवेय़ैस्तु प्रशान्ते च द्विजोत्तम |  १   क
राष्ट्रे किं चक्रतुर्वीरौ वासुदेवधनञ्जय़ौ ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति