menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २९६
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्तो गुडाकेशः प्रगृह्य सशरं धनुः |  २१   क
आमुक्तखड्गो मेधावी तत्सरः प्रत्यपद्यत ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति