menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ५२
chevron_left
chevron_right
वृहदश्व उवाच
प्रशशंसुश्च सुप्रीता नलं ता विस्मय़ान्विताः |  १५   क
न चैनमभ्यभाषन्त मनोभिस्त्वभ्यचिन्तय़न् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति