menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय १५
chevron_left
chevron_right
सुदेष्णो उवाच
कस्त्वावधीद्वरारोहे कस्माद्रोदिषि शोभने |  ३८   क
कस्याद्य न सुखं भद्रे केन ते विप्रिय़ं कृतम् ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति