menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १०७
chevron_left
chevron_right
लोमश उवाच
न शक्तस्त्रिषु लोकेषु कश्चिद्धारय़ितुं नृप |  २२   क
अन्यत्र विवुधश्रेष्ठान्नीलकण्ठान्महेश्वरात् ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति