menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय १५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
चतुरङ्गं वलं वाणैर्निघ्नन्तं पाण्ड्यमाहवे |  ११   क
दृष्ट्वा द्रौणिरसम्भ्रान्तमसम्भ्रान्ततरोऽभ्ययात् ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति