menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय १५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
द्रौणिपर्जन्यमुक्तां तां वाणवृष्टिं सुदुःसहाम् |  ३१   क
वाय़व्यास्त्रेण स क्षिप्रं रुद्ध्वा पाण्ड्यानिलोऽनदत् ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति