menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय १५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ववर्ष शरवर्षाणि चित्रं लघु च सुष्ठु च |  ३४   क
न चास्य विवरं कश्चिद्ददर्श चरतो रणे ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति